रीवा में शराब दुकान हटाने डंडा लेकर पहुंची महिलाएं: 15 दिन की दी हैं चेतावनी; बोलीं- हटा लो नहीं तो करेंगे आमरण अनशन

रीवा। गांव दुआरी में शराब दुकान के लिए ग्रामीणों ने विरोध किया। सरकारी स्कूल और एससी-एसटी बस्ती के पास बनी दुकान को हटाने की मांग की गई। 30 जुलाई की रात को ग्रामीण दुकान के बाहर इककट्ठे हुए। उन्होंने दुकान का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया।
ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक रीवा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान के पास रात-दिन शराबी जमा रहते है। इससे महिलाओं, बच्चों और लोगों को परेशानी होती है। इससे आए दिन विवाद, गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटनाएं होती रहती हैं। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है।
दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच हो
ज्ञापन में लिखा है कि 29 जुलाई की रात अनुसूचित जाति परिवार के एक नाबालिग से शराब बिक्री कराई जा रही थी। विरोध करने पर दुकान मालिक और उसके सहयोगियों ने धमकाने और मारपीट कराने की बात कही। ग्रामीणों ने दुकान संचालक के मोबाइल कॉल डिटेल और दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग भी की है।

शिकायत के बाद भी नहीं हटी दुकान
अजीत साकेत और बाबूलाल कोल का ने आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। अभी भी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री जारी है। उनका कहना है कि स्कूल और एससी-एसटी बस्ती के पास शराब दुकान का संचालन नियमों के खिलाफ है। दुकान को तुरंत गांव से हटाया जाना चाहिए।
आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के अंदर शराब दुकान हटाई जाए। ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीण आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस पूरे मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से अभी बयान सामने नहीं आया है।