रीवा में गांववालों ने बांस से बनाया 50 फुट पुल: कभी हो सकता है हादसा; प्रशासन के आंख-कान बंद

रीवा। जिले की जवा तहसील के रौली गांव में आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार नदी पर पुल बनाने की मांग की। फिर भी सरकार कान बंद किए बैठी रही। तब गांववालों ने लकड़ी और बांस से पुल बना लिया। इस पुल से हिवाह नदी पार रहे है। इसकी हालत इतनी जर्जर है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
गांव के नीचे बहने वाली नदी से टोंस परियोजना का पानी लगातार गुजरता है। पहले सिर्फ बारिश मे परेशानी होती थी। परियोजना का पानी छोड़े जाने के बाद सालभर नदी में पानी रहता है। इस वजह से ग्रामीणों के पास दो ही रास्ते बचे। जोखिम उठाकर नदी पार करना या 15 से 20 किलोमीटर ज्यादा चलना।

सबने मिलकर बना लिया पुल
इसी मजबूरी ने गांव के लोगों को अपना पुल बनाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने घर-घर से लकड़ियां और बांस इकट्ठा किए। सबने मिलकर नदी पर अस्थायी पुल तैयार कर दिया। पुल के दोनों किनारों पर सुरक्षा के लिए लोहे की सरिया भी लगाई गई। जिससे लोग बैलन्स बनाकर निकल सकें।
कई बार बह चुका है पुल
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान कई बार यह पुल बह चुका है। इसके बाद उन्होंने दोबारा इसे बनाया। अब पुल की लकड़ियां भी कमजोर हो चुकी हैं। जिससे हर दिन यहां से गुजरना खतरनाक हो गया है।

महिलाएं, बच्चें, बूढ़े भी इसी पुल से जाते है
इसी पुल से स्कूली बच्चे रोज पढ़ने जाते हैं। महिलाएं गोद में बच्चों को लेकर नदी पार करती हैं। ग्रामीण साइकिल और दोपहिया वाहन भी इसी पुल से निकालते हैं। उनका कहना है कि परिवार का पालन-पोषण, खेती-किसानी और बच्चों की पढ़ाई के लिए इस पुल से गुजरना उनकी मजबूरी है।
लकड़ियों के बीच फंस जाता है पांव
ग्रामीण बताते हैं कि पुल के बीच पहुंचते ही डर लगता है कि कहीं वह हिलकर गिर न जाए। कई बार लोगों के पैर लकड़ियों के बीच फंस चुके हैं और छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद गांव के लोगों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

जल्द पुल बनाने का आश्वासन दिया
मामले की जानकारी मिलने पर रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को पुल की तस्वीरें दिखाई गईं। कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित एसडीएम को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं तो उसका जल्द समाधान किया जाएगा। साथ ही गांव में स्थायी पुल निर्माण बनाने का आश्वासन भी दिया।