रीवा में बारिश के बाद जलभराव: कलेक्टर ने लिया जायजा; ड्रेनेज रोकने वाले निर्माण पर कार्रवाई

रीवा। बारिश के बाद शहर में जलभराव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम हरकत में आ गए हैं। प्रभावित इलाकों से पानी निकालने के साथ ही जल निकासी में आ रही बाधाओं को दूर करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन अब उन अव्यवस्थित कॉलोनियों और निर्माणों को चिन्हित कर रहा है, जिनसे बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव का रास्ता बाधित हो रहा है।

कलेक्टर ने प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने वार्ड क्रमांक 10 के गुलाब नगर, गायत्री नगर समेत जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर जल निकासी की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर के मुताबिक, शहर में जलभराव की बड़ी वजह अव्यवस्थित और अनियोजित विकास है। कई क्षेत्रों में पर्याप्त ड्रेनेज प्लान के बिना मकान और कॉलोनियां विकसित होने से बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव के रास्ते बाधित हुए हैं।

निचले इलाकों में कॉलोनियों से बढ़ी परेशानी
प्रशासन की नजर चूने की पुरानी खदानों वाली जमीन और निचले क्षेत्रों में विकसित की गई कॉलोनियों पर भी है। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या गंभीर हो जाती है।
गुलाब नगर और गायत्री नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हैवी क्षमता वाली पंपिंग मशीनों से पानी निकालने का काम जारी है। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं।

रतहरा और वार्ड 10 में हटाया था अतिक्रमण
बीते दिनों रतहरा और वार्ड क्रमांक 10 में भीषण जलभराव के बाद प्रशासन ने नाले के आसपास किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की थी। चार जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाकर पानी की निकासी का रास्ता बनाया गया था।

ड्रेनेज रोकने वाले निर्माण पर होगी कार्रवाई
अब प्रशासन की नजर उन निर्माणों और कॉलोनियों पर है, जिन्होंने जल निकासी के प्राकृतिक रास्तों को बाधित किया है। कलेक्टर ने संकेत दिए हैं कि नियमों के विपरीत निर्माण और ड्रेनेज में बाधा बनने वाले अतिक्रमण के खिलाफ जल्द बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है।
मास्टर प्लान से स्थायी समाधान की तैयारी
प्रशासन का कहना है कि शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए मास्टर प्लान के तहत ड्रेनेज व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त और सुचारू व्यवस्था तैयार करना है, ताकि आने वाले समय में शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।