भारतीय बैंक अब पहले से कहीं अधिक परिपक्व और मजबूत हुए हैं: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा

मुंबई, 7 नवम्बर 2025 — भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि देश के बैंकिंग क्षेत्र ने पिछले एक दशक में उल्लेखनीय परिपक्वता और मजबूती हासिल की है। मुंबई में आयोजित भारतीय स्टेट बैंक, बैंकिंग और अर्थव्यवस्था सम्मेलन-2025 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारतीय बैंक पहले की तुलना में अधिक स्थिर, अनुशासित और सक्षम हो चुके हैं।
श्री मल्होत्रा ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI), जो वर्ष 2018 में घाटे में था, आज 100 अरब डॉलर मूल्य वाली कंपनी बन चुका है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में लागू की गई संपत्ति गुणवत्ता समीक्षा (AQR), त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA), 27 सार्वजनिक बैंकों का एकीकरण, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) जैसे कदमों ने भारत की ऋण संस्कृति और वित्तीय अनुशासन में बुनियादी सुधार किया है।
आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा कि मौद्रिक नीति और वित्तीय प्रणाली में संरचनात्मक सुधारों के कारण भारत की आर्थिक स्थिरता और बैंकों की जोखिम प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब भारत की बैंकिंग प्रणाली न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बन चुकी है।
उन्होंने कहा, “आज हमारे बैंक अधिक मजबूत हैं, निरीक्षण प्रणाली अधिक सतर्क है और बाजार-आधारित जोखिम हस्तांतरण तंत्र पहले से अधिक प्रभावी है। यह सब वित्तीय प्रणाली के संतुलित विकास और दूरदर्शी नियमावली की देन है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई द्वारा अपनाई गई सख्त निगरानी नीतियां और सुधार भारत की बैंकिंग प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार कर रही हैं।






