एफपीआई की बिकवाली जारी, अप्रैल के पहले दो दिन में 19,837 करोड़ रुपये निकाले

घरेलू शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली का सिलसिला अप्रैल में भी जारी है। अप्रैल के पहले दो कारोबारी दिनों में ही विदेशी निवेशकों ने करीब 19,837 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह 1 और 2 अप्रैल को ही बाजार में कारोबार हुआ था, क्योंकि Good Friday के कारण 3 अप्रैल को शेयर बाजार बंद रहा। इससे पहले मार्च महीने में भी एफपीआई ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जो अक्टूबर 2024 के रिकॉर्ड से भी अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Middle East में जारी तनाव, खासकर Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। इसके चलते विदेशी निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने और रुपये में गिरावट ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद से रुपये में करीब 4 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई है, जबकि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है।
National Securities Depository Limited (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं।
विशेषज्ञ Ravi Chander Khurana का कहना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आती, तब तक विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी मुश्किल है।
हालांकि लगातार बिकवाली के कारण बाजार के कई सेक्टरों के वैल्यूएशन में कमी आई है, जिससे कुछ चुनिंदा शेयर निवेश के लिहाज से आकर्षक हो गए हैं। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे मौजूदा अस्थिरता के बीच सोच-समझकर और विशेषज्ञ सलाह के साथ ही निवेश करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।






