देश में अब डॉक्टर के पर्चे पर ही मिलेगी प्रेगबलिन दवा, केंद्र सरकार ने बढ़ाई सख्ती
देश में अब डॉक्टर्स के पर्चे पर ही मिलेगी नसों के दर्द, एंजाइटी की दवा प्रेगबलिन
Ministry of Health and Family Welfare ने नसों के दर्द, मिर्गी, एंग्जायटी और अन्य बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली प्रेगबलिन (Pregabalin) दवा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब यह दवा केवल डॉक्टर के वैध पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही मिलेगी।
शेड्यूल H1 में शामिल की गई प्रेगबलिन
स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेगबलिन को शेड्यूल H1 के दायरे में शामिल कर दिया है। यह कदम दवा के बढ़ते दुरुपयोग और बिना डॉक्टर की सलाह के आसान बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार का कहना है कि हाल के समय में इस दवा के गलत इस्तेमाल और नशे के तौर पर उपयोग के कई मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
मेडिकल स्टोर्स को रखना होगा पूरा रिकॉर्ड
नए नियमों के तहत अब मेडिकल स्टोर्स और केमिस्ट को प्रेगबलिन बेचने का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।
रिटेलर्स को निम्न जानकारी एक अलग रजिस्टर में दर्ज करनी होगी:
- डॉक्टर का नाम और पता
- दवा की मात्रा
- मरीज को दी गई दवा का विवरण
नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
पैकेजिंग पर लाल रंग में चेतावनी जरूरी
सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि प्रेगबलिन दवा की पैकेजिंग पर लाल रंग में स्पष्ट “चेतावनी” लिखी जाए, ताकि मरीज और विक्रेता दोनों इसके नियंत्रित उपयोग को लेकर सतर्क रहें।
मरीजों की सुरक्षा होगी मजबूत
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शेड्यूल H1 में शामिल होने से दवा की निगरानी मजबूत होगी, अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और मरीजों की सुरक्षा बेहतर होगी। अब यह दवा केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के लिखित नुस्खे पर ही उपलब्ध होगी।






