पावरिका लिमिटेड IPO: 24 मार्च से खुलेगा ₹1100 करोड़ का इश्यू, 2 अप्रैल को हो सकती है लिस्टिंग

Powerica Limited IPO में निवेश का मौका जल्द खुलने वाला है। डीजल जेनसेट निर्माण और विंड पावर सेक्टर में सक्रिय कंपनी पावरिका लिमिटेड ने ₹1100 करोड़ के अपने आईपीओ की घोषणा कर दी है।

📅 IPO की तारीख और लिस्टिंग

कंपनी का IPO 24 मार्च 2026 को खुलेगा और निवेशक इसमें 27 मार्च 2026 तक बोली लगा सकेंगे।

  • 🧾 अलॉटमेंट: 30 मार्च 2026

  • 💳 शेयर क्रेडिट (डीमैट): 1 अप्रैल 2026

  • 📈 संभावित लिस्टिंग: 2 अप्रैल 2026 (NSE और BSE)

💰 प्राइस बैंड और लॉट साइज

इस IPO के लिए ₹375 से ₹395 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।

  • 📦 लॉट साइज: 37 शेयर

  • 💸 न्यूनतम निवेश: ₹14,615

  • 📊 अधिकतम निवेश (रिटेल): ₹1,89,995 (13 लॉट / 481 शेयर)

कंपनी इस इश्यू के तहत 2.78 करोड़ शेयर जारी कर रही है, जिसमें:

  • ₹700 करोड़ के नए शेयर (Fresh Issue)

  • ₹400 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS)

🏦 निवेशकों के लिए आरक्षण

IPO में विभिन्न निवेशक श्रेणियों के लिए हिस्सा तय किया गया है:

  • 🏢 QIB (संस्थागत निवेशक): 50%

  • 👨‍💼 रिटेल निवेशक: 35%

  • 💼 NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल): 15%

इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर ICICI Securities Limited हैं, जबकि रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt Ltd को नियुक्त किया गया है।

📊 कंपनी की वित्तीय स्थिति

पावरिका लिमिटेड की वित्तीय स्थिति में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखा गया है:

💹 शुद्ध लाभ (Net Profit)

  • 2022-23: ₹106.45 करोड़

  • 2023-24: ₹226.11 करोड़

  • 2024-25: ₹175.83 करोड़

  • अप्रैल–सितंबर 2025: ₹134.55 करोड़

📈 राजस्व (Revenue)

  • 2022-23: ₹2,422.42 करोड़

  • 2023-24: ₹2,356.77 करोड़

  • 2024-25: ₹2,710.93 करोड़

  • अप्रैल–सितंबर 2025: ₹1,474.87 करोड़

⚖️ कर्ज (Debt)

  • 2022-23: ₹278.88 करोड़

  • 2023-24: ₹177.52 करोड़

  • 2024-25: ₹300.80 करोड़

  • सितंबर 2025: ₹571.95 करोड़

💼 रिजर्व और सरप्लस

  • 2022-23: ₹777.88 करोड़

  • 2023-24: ₹898.67 करोड़

  • 2024-25: ₹1,070.95 करोड़

  • सितंबर 2025: ₹1,158.99 करोड़

📊 EBITDA

  • 2022-23: ₹333.21 करोड़

  • 2023-24: ₹362.45 करोड़

  • 2024-25: ₹345.66 करोड़

  • सितंबर 2025: ₹220.42 करोड़

⚠️ निवेश से पहले ध्यान देने योग्य बातें

कंपनी के मुनाफे और राजस्व में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, वहीं कर्ज में हाल के समय में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। हालांकि, रिजर्व और सरप्लस में लगातार वृद्धि कंपनी की वित्तीय मजबूती का संकेत देती है।

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