‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में पीएम मोदी ने विद्यार्थियों से की बातचीत, तनाव से निपटने और स्टार्टअप पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम Pariksha Pe Charcha 9 के दौरान विद्यार्थियों से बातचीत की। जारी किए गए दूसरे वीडियो में उन्होंने परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव और चिंता से निपटने के प्रभावी तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
परीक्षा तनाव से कैसे निपटें?
प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे परीक्षा को जीवन-मरण का प्रश्न न समझें, बल्कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ उसका सामना करें। उन्होंने कहा कि रचनात्मक गतिविधियां और कलात्मक शौक अकादमिक दबाव से उत्पन्न तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
Exam Stress Management पर जोर देते हुए उन्होंने पढ़ाई और रुचि के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
छोटे स्टार्टअप से बड़ी उड़ान
प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों को छोटे स्तर से अपनी उद्यमशीलता यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बड़े विचार अक्सर छोटी शुरुआत से ही जन्म लेते हैं।
Startup Advice for Students देते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र उद्योग जगत के पेशेवरों से संपर्क बनाए रखें ताकि वे वास्तविक दुनिया की कार्यप्रणाली को समझ सकें और पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें।
अनुशासन और प्रेरणा का संतुलन
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रेरणा जरूरी है, लेकिन अनुशासन के बिना प्रेरणा अक्सर प्रभावहीन हो जाती है। उन्होंने समझाया कि अनुशासन दिशा देता है, जबकि प्रेरणा यात्रा को ऊर्जा प्रदान करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से रोजमर्रा के बुनियादी नियमों का पालन करने का आग्रह किया — जैसे कूड़ा न फैलाना, यातायात नियमों का पालन करना और भोजन की बर्बादी से बचना। उनके अनुसार, यह जिम्मेदार व्यवहार राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।
‘वोकल फॉर लोकल’ और विकसित भारत 2047
‘Vocal for Local’ और ‘वेड इन इंडिया’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय उत्पादों को अपनाना घरेलू अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि नागरिकों द्वारा उठाया गया हर छोटा कदम Developed India 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में योगदान देता है।
Pariksha Pe Charcha 9 के माध्यम से प्रधानमंत्री का यह संदेश छात्रों को न केवल परीक्षा के लिए बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार करने का प्रयास माना जा रहा है।






