पीएम मोदी ने शिवकुमार स्वामीजी की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, बताया सेवा और करुणा का प्रतीक

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शिवकुमार स्वामीजी की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संदेश में स्वामीजी को करुणा, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि Shivakumar Swamiji का पूरा जीवन मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने शिक्षा, समाज कल्याण और आध्यात्मिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया और समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामीजी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित होती है। उनके आदर्श आज भी देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराते रहेंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषित भी उद्धृत किया—
“पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः, स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।
नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहाः, परोपकाराय सतां विभूतयः॥”

इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जैसे नदियां अपना जल स्वयं नहीं पीतीं और वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते, उसी तरह सज्जनों की शक्ति और संपत्ति दूसरों के कल्याण के लिए होती है।

प्रधानमंत्री ने स्वामीजी के जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन समाज को आगे बढ़ाने में सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

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