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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ओमान के सुल्तान, मलेशिया के प्रधानमंत्री, फ्रांस के राष्ट्रपति और जॉर्डन के राजा से बातचीत की

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ाते हुए कई देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत की। इस दौरान क्षेत्र में शांति, स्थिरता और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने हैथम बिन तारिक से बातचीत में ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। दोनों देशों ने संवाद और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने पर सहमति जताई। साथ ही, भारत ने संकट के दौरान भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में ओमान के सहयोग की सराहना की।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने अनवर इब्राहिम से भी चर्चा की और उन्हें आगामी त्योहार हरि राया ऐदिलफित्री की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति पर गंभीर चर्चा करते हुए शांति और स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इमैनुएल मैक्रों से भी फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करते हुए तत्काल तनाव कम करने और शांति स्थापित करने पर जोर दिया।

वहीं, अब्दुल्ला द्वितीय के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने ईद की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले बेहद निंदनीय हैं और इससे अनावश्यक तनाव बढ़ता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में संवाद और कूटनीति ही समाधान का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने जॉर्डन द्वारा क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में दिए गए सहयोग की सराहना की।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह सक्रिय कूटनीति न केवल क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को भी और मजबूत करेगी।

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