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प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि के महत्व पर दिया जोर, संस्कृत सुभाषित से किसानों का किया सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि के महत्व को रेखांकित करते हुए किसानों के योगदान को सराहा है। उन्होंने कहा कि कृषि देश की समृद्धि की नींव है और किसान भाई-बहन हमारे सच्चे अन्नदाता हैं, जिनके परिश्रम और समर्पण से देश की प्रगति सुनिश्चित होती है।

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया—

“कृषिर्धन्या कृषिर्मेध्या जन्तूनां जीवनं कृषिः।
अन्नदः सर्वदश्चैव तस्माच्छ्रेष्ठतरो हि सः॥”

इस सुभाषित के माध्यम से उन्होंने बताया कि कृषि न केवल धन देने वाली है, बल्कि यह बुद्धि को शुद्ध करने वाली और सभी जीवों के जीवन का आधार भी है।

सुभाषित का भावार्थ है कि जो किसान फसल उगाकर पूरे समाज को अन्न प्रदान करता है, वही वास्तव में सबसे बड़ा दाता है। अन्न के बिना किसी भी अन्य वस्तु या दान का कोई महत्व नहीं होता, इसलिए कृषि करने वाला किसान सबसे श्रेष्ठ माना गया है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश में कृषि और किसानों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उनका यह संदेश किसानों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के साथ-साथ समाज को कृषि के महत्व की याद भी दिलाता है।

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