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भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी परिवर्तन का वैश्विक नेता बन चुका है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी बोले – “भारत अब तकनीक का उपभोक्‍ता नहीं, परिवर्तन का नेतृत्व करने वाला राष्ट्र बन चुका है।”

भारत बना प्रौद्योगिकी नवाचार का वैश्विक केंद्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत अब तकनीक का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी परिवर्तन का वैश्विक नेता बन गया है।
उन्होंने कहा कि भारत में हो रहा तकनीकी विकास अब किसी तय रफ्तार से नहीं, बल्कि तेज़ी और नवाचार की दिशा में छलांग लगाने जैसा है।

🧠 अनुसंधान और नवाचार पर केंद्रित दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में नवाचार के आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र (innovation ecosystem) को सशक्त करने के लिए काम कर रही है। इसके तहत अनुसंधान को सुगम बनाने और युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व का सबसे सशक्त डिजिटल सार्वजनिक ढांचा (Digital Public Infrastructure – DPI) विकसित किया है, जिसने देश को डिजिटल सशक्तिकरण का मॉडल बना दिया है।

💡 ₹1 लाख करोड़ का अनुसंधान, विकास और नवाचार फंड

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश में अनुसंधान और विकास (R&D) को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1 लाख करोड़ रुपये की “अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना” की शुरुआत की।
उन्होंने बताया कि इस फंड का उद्देश्य निजी क्षेत्र द्वारा संचालित अनुसंधान परियोजनाओं को गति देना और भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करना है।

प्रधानमंत्री ने कहा —

“21वीं सदी का भारत, तकनीक के ज़रिए अपनी पहचान बना रहा है। अब हम उपभोग नहीं, निर्माण और नवाचार के केंद्र बन चुके हैं।”

  • भारत मंडपम में ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री मोदी बोले — “भारत तकनीकी परिवर्तन का वैश्विक नेता”

  • अनुसंधान, नवाचार और निजी निवेश को बढ़ावा देने पर ज़ोर

  • ₹1 लाख करोड़ की अनुसंधान एवं नवाचार योजना का शुभारंभ

  • भारत का डिजिटल सार्वजनिक ढांचा बना दुनिया के लिए उदाहरण

 

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