पीथमपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ; साइकिल छिपाने के विवाद में हत्या करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या के एक मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। मामूली बात पर हुई इस वारदात के मुख्य आरोपी के पास से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।
यह घटना 6 जुलाई 2026 की है। फरियादी विशाल द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, मृतक विष्णु और आरोपियों के बीच साइकिल छिपाने जैसी छोटी सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि मुख्य आरोपी गोपी ने अपने साथी रवि और निर्भय सिंह के साथ मिलकर विष्णु पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल विष्णु को तुरंत धार के भोज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीथमपुर थाने में अपराध क्रमांक 309/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश
हत्या की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पीथमपुर श्री रवि सोनेर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील शर्मा ने इस टीम की कमान संभाली। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगालने के दौरान पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि तीनों आरोपी चंदन नगर (घाटाबिल्लौद) के एक मकान में छिपे हुए हैं। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए वहां दबिश दी और घेराबंदी कर गोपी, रवि और निर्भय सिंह को दबोच लिया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस टीम होगी पुरस्कृत
सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम की इस त्वरित सफलता पर पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील शर्मा, उप निरीक्षक नितिन पाटील और घाटाबिल्लौद चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक निलेश कुमार मालवीय की अहम भूमिका रही। उनके साथ प्रधान आरक्षक मंगलसिंह मेड़ा व मनोज कुमार बर्डे तथा आरक्षक लाखन यादव, श्यामु राजावत, राधा मोहन कटारे, महेश मकवाना, दिलीप वर्मा एवं रमेश मीणा का भी इस धरपकड़ में विशेष योगदान रहा।