ऑरिएट ट्रेड की निराशाजनक लिस्टिंग, फ्लैट एंट्री के बाद शेयर पर लगा लोअर सर्किट
केमिकल ट्रेडिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी ऑरिएट ट्रेड के शेयरों ने शेयर बाजार में निराशाजनक शुरुआत की है। कंपनी के शेयरों की बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर फ्लैट लिस्टिंग हुई और कुछ ही समय बाद बिकवाली के दबाव में शेयर 5 प्रतिशत टूटकर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। इससे आईपीओ निवेशकों को पहले ही दिन नुकसान उठाना पड़ा।
कंपनी का आईपीओ 70 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किया गया था। लिस्टिंग के दिन शेयर बिना किसी प्रीमियम के सीधे 70 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। हालांकि, बाजार में कमजोर मांग और बिकवाली के दबाव के कारण शेयर जल्द ही गिरकर 66.50 रुपये के लोअर सर्किट स्तर पर पहुंच गया। इस तरह निवेशकों को पहले दिन ही करीब 5 प्रतिशत का नुकसान हुआ।
आईपीओ को मिला था फीका रिस्पॉन्स
ऑरिएट ट्रेड का 27.29 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 मई से 2 जून तक निवेश के लिए खुला था। निवेशकों की ओर से इसे अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली और यह कुल 1.43 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया।
नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) श्रेणी में केवल 0.45 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 2.42 गुना सब्सक्राइब हुआ। आईपीओ के तहत कंपनी ने 38.98 लाख नए शेयर जारी किए थे।
कंपनी ने बताया था कि आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग पुराने कर्ज को कम करने, कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
लगातार बढ़ा कंपनी का मुनाफा
कंपनी के डीआरएचपी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में ऑरिएट ट्रेड का शुद्ध लाभ लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ 1.13 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 1.45 करोड़ रुपये और 2024-25 में 2.57 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं, अप्रैल से दिसंबर 2025 की अवधि में कंपनी 4.36 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी थी, जो इसके लाभ में मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।
राजस्व में रहा उतार-चढ़ाव
राजस्व के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन मिश्रित रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 211.60 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो 2023-24 में घटकर 172.19 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि 2024-25 में इसमें मामूली सुधार हुआ और राजस्व 176.62 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
अप्रैल से दिसंबर 2025 की अवधि में कंपनी 102.79 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर चुकी थी।
कर्ज का बोझ भी बढ़ा
कंपनी पर कर्ज का दबाव भी लगातार बढ़ता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कुल कर्ज 22.73 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 32.46 करोड़ रुपये हो गया। 2024-25 में यह मामूली घटकर 32.17 करोड़ रुपये रहा, लेकिन अप्रैल-दिसंबर 2025 तक फिर बढ़कर 38.07 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
EBITDA और रिजर्व में सुधार
कंपनी का EBITDA वित्त वर्ष 2022-23 में मात्र 8 लाख रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 3.25 करोड़ रुपये और 2024-25 में 5.07 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल-दिसंबर 2025 तक EBITDA बढ़कर 7.33 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
साथ ही कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी लगातार सुधार दर्ज किया गया, जो वित्तीय मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
हालांकि वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के बावजूद शेयर बाजार में कमजोर लिस्टिंग और निवेशकों की सीमित रुचि ने ऑरिएट ट्रेड के शेयरों पर दबाव बना दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनी के प्रदर्शन और निवेशकों के भरोसे के आधार पर शेयर की दिशा तय होगी।
