ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने देखी भारतीय ड्रोन तकनीक की ताकत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल, 29 अक्टूबर 2025।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की शक्ति से प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने नई ड्रोन पॉलिसी तैयार की है, जिसके माध्यम से कृषि, अधोसंरचना, सुरक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत हमेशा से नई तकनीक और नवाचारों को शीघ्रता से आत्मसात करने में अग्रणी रहा है। आज ड्रोन सिर्फ खेती में नहीं, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक कार्यों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में ड्रोन से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसान हुआ है, जबकि रक्षा क्षेत्र में यह तकनीक दुश्मन के खात्मे में मददगार साबित हो रही है।”
डॉ. यादव ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पूरी दुनिया ने भारतीय ड्रोन तकनीक की वास्तविक ताकत देखी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने ड्रोन टेक्नोलॉजी की सहायता से वैश्विक स्तर पर अपनी सामरिक क्षमता का प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ड्रोन तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। यह न केवल सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में बल्कि शादी, कृषि, सर्वेक्षण और निर्माण कार्यों में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने जानकारी दी कि प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो 2025 आयोजित किया गया है। इसमें प्रदेशभर से 4,000 से अधिक विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस कार्यशाला में विशेषज्ञ विद्यार्थियों को स्वरोजगार और तकनीकी नवाचारों की दिशा में प्रशिक्षण दे रहे हैं।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निदेशक श्री कैलाशा राव ने कहा कि अधोसंरचना विकास कार्यों में ड्रोन तकनीक ने नई दिशा प्रदान की है। उज्जैन सहित कई ऐतिहासिक स्थलों के नक्शे तैयार करने में ड्रोन की भूमिका अहम रही है।
अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा श्री संजय दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विज्ञान एवं तकनीक में विशेष रुचि रखते हैं। उनकी मंशा के अनुरूप आज यह एक्सपो आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक से अब वे कार्य आसान हो गए हैं, जिन्हें पहले महीनों में पूरा किया जाता था।






