पत्रकार को अवैध अभिरक्षा में रखने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, एसडीएम को व्यक्तिगत पेशी का आदेश

Madhya Pradesh High Court की Indore Bench of Madhya Pradesh High Court ने पत्रकार और कांग्रेस नेता Himmat Jaithwar को कथित रूप से पांच दिन तक अवैध अभिरक्षा में रखने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने रतलाम के तत्कालीन एसडीएम Sanjeev Keshav Pandey को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लगाए गए आरोपों का जवाब देने का निर्देश दिया है। यह आदेश 11 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान दिया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नवेंदु जोशी और रोहित शर्मा ने अदालत में पक्ष रखा। वर्तमान में संजीव केशव पांडे Dhar जिले में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं।

याचिका के अनुसार, Ratlam नगर निगम चुनाव के दौरान 19 जुलाई 2022 को उस समय के वित्त मंत्री और वर्तमान उपमुख्यमंत्री Jagdish Devda चुनाव प्रचार के लिए रतलाम पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकार हिम्मत जैथवार ने उनका साक्षात्कार लेने का प्रयास किया था। आरोप है कि इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 20 जुलाई की रात उन्हें उनके घर से धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर स्टेशन थाना में निरुद्ध कर दिया।

बताया गया कि 21 जुलाई को कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा थाने का घेराव किए जाने के बाद हिम्मत जैथवार को एसडीएम संजीव केशव पांडे के समक्ष पेश किया गया। याचिका में कहा गया है कि जमानत के लिए आवश्यक बांड और दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया और नियमों के विरुद्ध जेल भेज दिया गया। बाद में 26 जुलाई 2022 को उन्हें जमानत मिली।

इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए हिम्मत जैथवार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने तत्कालीन एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई में इस मामले में विस्तृत जवाब पेश किया जाएगा।

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