ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की क्षमता और सशस्त्र बलों के शौर्य को पुनः स्थापित किया है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की शक्ति, क्षमता और सशस्त्र बलों के शौर्य को पुनः स्थापित किया है, साथ ही यह स्वदेशी हथियारों और रक्षा प्रौद्योगिकी में देश की प्रगति को भी दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने यह बातें नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक एनसीसी पीएम रैली को संबोधित करते हुए कहीं।
कारियाप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने एनसीसी द्वारा प्रस्तुत ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित विशेष झांकी का उल्लेख किया और राष्ट्रीय सुरक्षा में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेटों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल सीमाओं, टैंकों और तोपों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह साइबर स्पेस, सूचना युद्ध, कोड और क्लाउड के माध्यम से भी लड़ा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देशभर में 75 हजार से अधिक एनसीसी कैडेटों ने स्वेच्छा से नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि चाहे सशस्त्र बलों का सहयोग हो, रक्तदान शिविरों का आयोजन या प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं—एनसीसी कैडेट हर मोर्चे पर मजबूती से खड़े रहे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण केवल परेड ग्राउंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना विकसित करता है, जो कठिन परिस्थितियों में उन्हें पूरे समर्पण के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं में बढ़ते मोटापे की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में भविष्य में हर तीन में से एक व्यक्ति मोटापे से प्रभावित हो सकता है, इसलिए युवाओं को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन को राष्ट्रीय सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।






