ओम्नीटेक इंजीनियरिंग का आईपीओ लिस्टिंग डे: निवेशकों को पहले दिन ही नुकसान, शेयरों में गिरावट

हाई-प्रिसिजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स और असेंबली में माहिर कंपनी Omnitek Engineering के आईपीओ की स्टॉक मार्केट में शुरुआत निवेशकों के लिए निराशाजनक रही। कंपनी के शेयरों को 227 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किया गया था, लेकिन आज लिस्टिंग के दौरान शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।

बीएसई पर शेयरों की शुरुआत 9.70 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 205 रुपये पर हुई, जबकि एनएसई पर यह 11 प्रतिशत गिरकर 202 रुपये के स्तर पर खुला। लिस्टिंग के दौरान लिवाली का असर आते हुए शेयर 224.70 रुपये तक पहुंचे, लेकिन बिकवाली दबाव के चलते वापस 202 रुपये पर लौट गए। पूरे दिन के कारोबार के बाद शेयर 204.93 रुपये पर बंद हुए, जिससे आईपीओ निवेशकों को 22.07 रुपये प्रति शेयर यानी 9.72 प्रतिशत का नुकसान हुआ।

ओम्नीटेक इंजीनियरिंग का 583 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 से 27 फरवरी 2026 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों से फीका रिस्पॉन्स मिला, जिससे यह ओवरऑल केवल 1.20 गुना सब्सक्राइब हुआ। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व पोर्शन तीन गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) और रिटेल निवेशकों के लिए क्रमशः 0.77 और 0.35 गुना ही सब्सक्रिप्शन मिला।

कंपनी ने आईपीओ से जुटाए गए फंड का उपयोग पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में करने का प्लान किया है। वित्तीय विवरणों के अनुसार, कंपनी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2022-23 में 32.29 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में घटकर 18.91 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध लाभ 43.87 करोड़ रुपये पर पहुंचा। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक 27.78 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया।

राजस्व में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। 2022-23 में कंपनी का कुल राजस्व 183.71 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 181.95 करोड़ रुपये और 2024-25 में 349.71 करोड़ रुपये तक बढ़ा। वहीं, कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है। 2022-23 में कर्ज 88.81 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 230.49 करोड़ रुपये, 2024-25 में 330.63 करोड़ रुपये और मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक 382.91 करोड़ रुपये तक पहुँच गया।

पहले दिन की लिस्टिंग में निवेशकों को झटका देने के बावजूद, भविष्य में शेयर की स्थिति कंपनी की वित्तीय सुधार और मार्केट में विश्वास पर निर्भर करेगी।

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