भाजपा नेता राजनाथ सिंह की जेवर एयरपोर्ट की परिकल्पना हुई साकार रूप, दुनिया के मानचित्र पर और उभरेगा नाेएडा

उत्तर प्रदेश के नोएडा में बन रहा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब साकार रूप ले चुका है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वर्ष 2001 की परिकल्पना अब हकीकत बन गई है।

28 मार्च को होगा उद्घाटन

इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन नरेंद्र मोदी 28 मार्च को करेंगे। यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल होगा।

2001 में रखी गई थी नींव

जब राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, जिसने 2003 में इसकी तकनीकी व्यवहार्यता को मंजूरी दी।

हालांकि, बीच में सरकार बदलने और अन्य स्थानों पर एयरपोर्ट प्रस्तावों के कारण यह परियोजना वर्षों तक ठंडी पड़ी रही।

2017 के बाद मिली रफ्तार

2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद और 2017 में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद इस परियोजना को तेजी मिली। महेश शर्मा के प्रयासों से भी इसे आगे बढ़ाया गया।

क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट?

  • पहला चरण: 1334 हेक्टेयर में विकसित

  • भविष्य में 5 रनवे

  • पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्री क्षमता

  • अंतिम चरण में 7.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष क्षमता

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

यह एयरपोर्ट बनने से मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और वृंदावन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इससे:

  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

  • विदेशी निवेश बढ़ेगा

  • नोएडा एक ग्लोबल बिजनेस हब बनेगा

राजनीतिक प्रतिक्रिया

सांसद महेश शर्मा ने कहा कि यह एयरपोर्ट भाजपा सरकार के प्रयासों का परिणाम है और इसके शुरू होने से नोएडा वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत होगा।

कुल मिलाकर, जेवर एयरपोर्ट केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया द्वार माना जा रहा है।

Share

Similar Posts