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यादगीर में महिलाओं की मूंगफली प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन, निर्मला सीतारमण ने बिचौलियों पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कर्नाटक के यादगीर जिले में महिलाओं के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) समर्थित मूंगफली प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन किया। यह आधुनिक इकाई मूंगफली की भुनाई, तेल निष्कर्षण और पीनट बटर जैसे मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण में सक्षम है।

वित्त मंत्री ने बाडेपल्ली गांव में किसानों के लिए स्थापित प्रशिक्षण एवं साझा सुविधा केंद्र का भी शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने पेड्डापल्ली महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की सराहना की, जो इस प्रसंस्करण इकाई का संचालन कर रही है।

सीतारमण ने कहा कि कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में स्थापित सात मूल्य संवर्धन इकाइयों में यह एकमात्र ऐसी इकाई है, जिसका संचालन पूरी तरह महिलाएं कर रही हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने किसानों से सीधे मूंगफली खरीदने में महिलाओं को हो रही परेशानियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मंडियों और बाजारों से कच्चा माल खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नाबार्ड द्वारा इसके लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद समस्याएं बनी हुई हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि कुछ बिचौलिये किसानों और महिला संचालित इकाई के बीच सीधे व्यापार में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस पर स्थानीय प्रशासन से जवाबदेही तय करने की बात कहते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों से सीधे खरीद में आखिर कठिनाई क्यों होनी चाहिए।

वित्त मंत्री ने कहा कि यादगीर क्षेत्र में मूंगफली उत्पादन काफी अधिक है और एक मात्र प्रसंस्करण इकाई से पूरे उत्पादन का उपयोग संभव नहीं है। उन्होंने भविष्य में ऐसी कई और मूल्य संवर्धन इकाइयां स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिले और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाने, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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