केंद्रीय बजट 2026-27: निर्मला सीतारामन ने पूंजी बाजार विशेषज्ञों के साथ चौथे बजट परामर्श की अध्यक्षता की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने नई दिल्ली में आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए पूंजी बाजार से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ चौथे बजट पूर्व परामर्श की अध्यक्षता की। बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव और भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार भी उपस्थित रहे। यह बैठक सरकार के बजटीय ढांचे को व्यापक, संतुलित और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
केंद्रीय बजट से जुड़े ये परामर्श विविध क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों और अवसरों पर सरकार को गहराई से अवगत कराते हैं। पूंजी बाजार विशेषज्ञों ने बैठक के दौरान आर्थिक स्थिरता, निवेश प्रवाह, बाजार सुधार, कर ढांचे और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के वित्तीय तंत्र को सुदृढ़ बनाने से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए।
वित्त मंत्रालय प्रतिवर्ष उद्योग जगत के दिग्गजों, प्रमुख अर्थशास्त्रियों, व्यावसायिक संगठनों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बजट पूर्व परामर्श बैठकों का आयोजन करता है। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाला केंद्रीय बजट व्यापक दृष्टिकोणों का प्रतिनिधित्व करे और बदलते आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप नीतिगत प्राथमिकताओं को निर्धारित कर सके।
बैठक में अधिकारियों ने पूंजी बाजार की भूमिका को भारत की विकास यात्रा में निर्णायक बताते हुए कहा कि निवेशकों के हितों की रक्षा, बाज़ार में स्थिरता और नवाचार को बढ़ावा देने के उपाय बजट में महत्वपूर्ण स्थान पा सकते हैं। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई कि बजट 2026-27 आर्थिक गति को तेज़ करने और निवेश आकर्षित करने के नए अवसर प्रस्तुत करेगा।
यह चौथा बजट परामर्श आगामी केंद्रीय बजट की नीति दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्रालय आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ भी इसी तरह की बैठकें जारी रखेगा ताकि बजट अधिक समावेशी और दूरदर्शी बन सके।






