नेपाल को विश्व आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी, ‘देवभूमि नेपाल’ अभियान का ऐलान

नेपाल सरकार ने देश को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बालेन्द्र सरकार ने अपनी पहली वार्षिक नीति एवं कार्यक्रम में “देवभूमि नेपाल” राष्ट्रीय अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य नेपाल को वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख गंतव्य बनाना है।
राष्ट्रपति द्वारा संसद में प्रस्तुत नीति एवं कार्यक्रम के अनुसार, नेपाल सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और अवकाश पर्यटन को प्राथमिकता देते हुए देश को उभरते वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की नीति पर काम करेगी।
सरकार ने कहा है कि “देवभूमि नेपाल” अभियान के तहत सिर्फ नेपाल और भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के हिंदू समुदाय के बीच नेपाल को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाए जाएंगे।
नेपाल सरकार ने “आध्यात्मिक तीर्थ कूटनीति” को इस योजना का प्रमुख आधार बनाया है। इसके तहत पशुपतिनाथ से मुक्तिनाथ तक और लुंबिनी क्षेत्र से जनकपुरधाम तक धार्मिक स्थलों को जोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कम से कम 5,000 नए होमस्टे को ‘नेपाल होमस्टे’ ब्रांड के तहत ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना भी बनाई है। इससे स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।
इसके अलावा नेपाल को साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) का बड़ा केंद्र बनाने के लिए पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, बंजी जंप और स्काइडाइविंग जैसी गतिविधियों के इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की भी घोषणा की गई है।
नेपाल सरकार का मानना है कि आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन का संयुक्त मॉडल देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ नेपाल की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा।






