नेपाल में सरकार गठन के 17 दिन बाद प्रधानमंत्री और मंत्रियों ने सार्वजनिक की संपत्ति

नेपाल में नई सरकार के गठन के 17 दिन बाद प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और उनके मंत्रिमंडल ने अपनी संपत्ति का सार्वजनिक खुलासा कर दिया है। इस नेपाल संपत्ति खुलासा में मंत्रियों की नकद राशि, सोना-चांदी, जमीन-जायदाद, शेयर निवेश और यहां तक कि पशुधन तक का विवरण सामने आया है, जो राजनीतिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपने आय के स्रोत के रूप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—फेसबुक, यूट्यूब और टिकटॉक—का उल्लेख किया है। उनके बैंक खातों में लगभग 1.46 करोड़ रुपये जमा हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 190 तोला सोना और अन्य आभूषण हैं। इसके अलावा परिवार के नाम पर विभिन्न स्थानों पर जमीन भी दर्ज है।
वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले संपत्ति के मामले में सबसे आगे दिखाई दिए। उनके पास 12 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति, करोड़ों के शेयर निवेश और कई प्रॉपर्टीज हैं। वहीं गृह मंत्री सुदन गुरूंग के पास 4 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर, 89 तोला सोना और लाखों रुपये नकद मौजूद हैं।
विदेश मंत्री शिशिर खनाल और ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने भी जमीन, सोना और शेयर निवेश का विस्तृत ब्यौरा दिया है। कई मंत्रियों ने अपनी संपत्ति में गाड़ियां, बैंक बैलेंस और निवेश के अलावा कृषि संपत्ति जैसे मुर्गियां, बकरियां और पालतू जानवरों का भी उल्लेख किया है।
महिला, बालबालिका मंत्री सीता वादी ने अपनी संपत्ति में 20 मुर्गियां और एक कुत्ते का जिक्र किया, जबकि कृषि मंत्री गीता चौधरी ने बकरियां और मुर्गियां उपहार में मिलने की जानकारी दी। यह विवरण नेपाल के ग्रामीण और सामाजिक आर्थिक ढांचे को भी दर्शाता है।
इस Nepal government transparency पहल के तहत सभी मंत्रियों ने अपनी आय के स्रोत भी बताए हैं, जिनमें व्यवसाय, वेतन और पैतृक संपत्ति शामिल हैं। हालांकि कुछ मंत्रियों पर ऋण का बोझ भी सामने आया है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति का संतुलित चित्र मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का सार्वजनिक नेपाल मंत्री संपत्ति विवरण राजनीतिक जवाबदेही को मजबूत करता है और जनता का भरोसा बढ़ाता है। आने वाले समय में यह प्रक्रिया अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।






