नेपाल के पासपोर्ट की बढ़ी ताकत, हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में 4 स्थान की छलांग
काठमांडू। विश्व के देशों के पासपोर्ट की ताकत का आकलन करने वाली प्रतिष्ठित हेनले एंड पार्टनर्स की ‘पासपोर्ट इंडेक्स 2026’ रिपोर्ट में नेपाल ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। नवीनतम रैंकिंग में नेपाल चार स्थान की छलांग लगाकर 97वें स्थान पर पहुंच गया है।
पिछले वर्ष 2025 की रैंकिंग में नेपाल 101वें स्थान पर था, जहां नेपाली नागरिकों को 36 देशों में वीजा-फ्री या आगमन पर वीजा (Visa on Arrival) की सुविधा प्राप्त थी। हालांकि इस वर्ष नेपाल का वीजा-फ्री स्कोर 35 दर्ज किया गया है, इसके बावजूद वैश्विक रैंकिंग में सुधार हुआ है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाली पासपोर्ट की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार नेपाल और उत्तर कोरिया दोनों 97वें स्थान पर संयुक्त रूप से मौजूद हैं। दोनों देशों के नागरिक 35 देशों में बिना पूर्व वीजा या सरल वीजा प्रक्रिया के साथ यात्रा कर सकते हैं।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की सूची में इस वर्ष भी सिंगापुर शीर्ष स्थान पर कायम है। सिंगापुर के नागरिक दुनिया के 192 देशों में बिना पूर्व वीजा के यात्रा कर सकते हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाता है। यह सूचकांक इस बात का मूल्यांकन करता है कि किसी देश के नागरिक कितने देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल या आसान प्रवेश प्रक्रिया के तहत यात्रा कर सकते हैं। इसे वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल की रैंकिंग में सुधार देश की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक पहुंच और वैश्विक यात्रा सुविधाओं में बढ़ते सहयोग को दर्शाता है। हालांकि विकसित देशों की तुलना में नेपाल की स्थिति अभी भी काफी पीछे है, लेकिन हालिया सुधार को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
