नेपाल चुनाव 2026: नई संसद में दो-तिहाई से अधिक नए चेहरे आने तय

नेपाल में आगामी आम चुनाव के बाद गठित होने वाली प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नई संसद में दो-तिहाई से अधिक नए सांसदों का प्रवेश लगभग तय माना जा रहा है।

पिछले सितंबर में भंग हुई संसद के करीब 170 निवर्तमान सांसद इस बार चुनावी दौड़ में ही नहीं हैं। ऐसे में नई संसद में बड़े पैमाने पर नए चेहरों के आने की संभावना और मजबूत हो गई है।

संघीय संसद के पूर्व महासचिव मनोहरप्रसाद भट्टराई के मुताबिक, उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और चुनावी समीकरणों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि भारी संख्या में नए उम्मीदवार निर्वाचित हो सकते हैं। चुनाव लड़ रहे निवर्तमान सांसदों की जीत भी सुनिश्चित नहीं है, जिससे पुराने चेहरों की संख्या और घट सकती है।

🔹 प्रत्यक्ष और समानुपातिक प्रणाली में बदलाव

प्रत्यक्ष प्रणाली के 165 निवर्तमान सांसदों में से 70 इस बार उम्मीदवार ही नहीं हैं। वहीं समानुपातिक प्रणाली के 110 सांसदों में से केवल 10 ही चुनावी मैदान में हैं। 2022 में निर्वाचित होकर दोबारा चुनाव लड़ रहे लगभग 100 सांसदों की जीत पर भी संशय बना हुआ है।

🔹 बड़े नेताओं का चुनाव से दूरी

कई दिग्गज नेताओं ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।
नेपाली कांग्रेस से शेरबहादुर देउवा, धनराज गुरुङ, विश्वप्रकाश शर्मा, प्रकाशमान सिंह और आरजु राणा मैदान में नहीं हैं।
वहीं सीपीएन–यूएमएल के टोपबहादुर रायमाझी, योगेश भट्टराई और विद्या भट्टराई समेत कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं मिला है।

🔹 जहां आमने-सामने हैं निवर्तमान सांसद

कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूदा सांसद एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं, जैसे झापा–2, सर्लाही–4, धनुषा–3 और जुम्ला। इन सीटों पर मुकाबले के कारण कम से कम छह निवर्तमान सांसदों का संसद से बाहर होना तय माना जा रहा है।

🔹 समानुपातिक सूची में भी नए चेहरे

समानुपातिक प्रणाली में भी पार्टियों ने बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। कई दलों ने पुराने सांसदों को सूची से बाहर कर नए चेहरों को मौका दिया है। इससे संसद की संरचना में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव नेपाल की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है, जहां युवा और नए नेतृत्व को ज्यादा अवसर मिल सकता है।

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