नेपाल में Balendra Shah सरकार का बड़ा फैसला, 1170 राजनीतिक नियुक्तियां रद्द करने की तैयारी

Nepal में नई सरकार बनने से पहले ही बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। Balendra Shah के नेतृत्व में बनने वाली सरकार ने राज्य के विभिन्न निकायों में की गई 1,170 राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह फैसला प्रशासनिक सुधार और सरकारी तंत्र को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बालेन्द्र शाह 27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे और उसी दिन मंत्रिमंडल का गठन भी किया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही इन नियुक्तियों को रद्द करने पर फैसला लिया जा सकता है। संवैधानिक निकायों, सार्वजनिक संस्थानों और विभिन्न बोर्डों में की गई राजनीतिक नियुक्तियों का पूरा डेटा जुटाया जा रहा है।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि राज्य तंत्र को “कार्यकर्ता भर्ती केंद्र” बनने से रोकने के लिए उठाया जा रहा है। प्रवक्ता Manish Jha के अनुसार, जिन लोगों को केवल राजनीतिक आधार पर नियुक्त किया गया है और जिनकी भूमिका आवश्यक नहीं है, उन्हें हटाया जाएगा। हालांकि, योग्य और सक्षम लोगों को बनाए रखने पर भी विचार किया जाएगा।
सरकार बनने से पहले ही इन पदों पर बैठे लोगों से स्वेच्छा से इस्तीफा देने की अपील की गई है। पार्टी का कहना है कि कई ऐसे आयोग और संस्थान हैं जो अब आवश्यक नहीं रह गए हैं और वे करदाताओं पर बोझ बन रहे हैं। ऐसे में कुछ मामलों में सिर्फ पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि पूरे संस्थान को ही समाप्त करने पर भी विचार किया जा रहा है।
इस फैसले से Public Service Commission Nepal, National Human Rights Commission Nepal और Election Commission Nepal जैसे कई महत्वपूर्ण संस्थानों के पदाधिकारी प्रभावित हो सकते हैं। नई सरकार का यह कदम जनता के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के बड़े एजेंडे के रूप में देखा जा रहा है।






