राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर नेताओं ने वैज्ञानिकों को किया नमन, पोखरण से आत्मनिर्भर भारत तक की उपलब्धियां गिनाईं

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने वैज्ञानिकों, अभियंताओं, नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक उपलब्धियों को याद किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस अवसर पर देश के वैज्ञानिक समुदाय के योगदान को सराहा।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि 11 मई 1998 को पोखरण परीक्षण रेंज में हुए परमाणु परीक्षणों ने दुनिया को भारत की उल्लेखनीय वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता से परिचित कराया था। उन्होंने इसे आत्मनिर्भरता और रणनीतिक मजबूती की दिशा में भारत की यात्रा का निर्णायक क्षण बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश विज्ञान, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा व समर्पण भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 11 मई 1998 भारत के इतिहास का एक ऐतिहासिक दिन था, जब राजस्थान के पोखरण से देश ने अपनी वैज्ञानिक क्षमता, आत्मविश्वास और सामरिक शक्ति का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पोखरण-II परमाणु परीक्षण आत्मनिर्भर, सशक्त और निर्णायक भारत के उदय का प्रतीक था। बिरला ने कहा कि इस उपलब्धि ने भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और तकनीकी क्षमता को नई मजबूती प्रदान की।
ओम बिरला ने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को नमन करते हुए कहा कि उनके परिश्रम और नवाचार ने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने चंद्रयान, मंगलयान, गगनयान, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से तकनीकी रूप से समृद्ध राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार नवाचार और तकनीकी क्षमता को बढ़ावा देने के लिए गेम-चेंजिंग पहलों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरणा का दिन है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के समर्पण और नवाचार को सलाम करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने भारत की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत किया है। उन्होंने पोखरण परीक्षण की सफलता में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीक, नवाचार और स्वदेशी विकास के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1998 का पोखरण परीक्षण भारत के आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की शुरुआत था। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के योगदान को नमन किया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि आज ही के दिन भारत ने सफल परमाणु परीक्षण कर पूरी दुनिया में अपनी वैज्ञानिक क्षमता और आत्मविश्वास का परचम लहराया था। उन्होंने इसे देश के वैज्ञानिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण की सफलता ने भारत की तकनीकी और सामरिक क्षमता को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का नवाचार “नए भारत” की मजबूत नींव को लगातार सशक्त करता रहेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वैज्ञानिकों की निष्ठा और नवाचार की शक्ति से ही भारत वैश्विक तकनीकी जगत में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, 5जी, अंतरिक्ष अनुसंधान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।






