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मध्य प्रदेश में आज से फिर गूंजेंगी स्कूलों की घंटियां, नए शैक्षणिक सत्र का होगा शुभारंभ

भोपाल। मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद मंगलवार से स्कूलों में फिर से रौनक लौटेगी। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ लाखों विद्यार्थी अपने शिक्षकों और मित्रों से मुलाकात करेंगे तथा नए उत्साह के साथ शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेंगे।

राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों और सांदीपनि विद्यालयों में 16 जून से 30 जून तक “स्कूल चलें हम” अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत शाला प्रारंभ उत्सव आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और प्रत्येक पात्र बच्चे को स्कूल से जोड़ना है।

पहले दिन होगा विशेष स्वागत और बाल सभा

शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पहले दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों में बाल सभा का आयोजन होगा तथा विद्यार्थियों के लिए विशेष भोज की व्यवस्था भी की जाएगी।

विद्यालयों में नए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा। साथ ही छात्रों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

राज्य शिक्षा केंद्र ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की सूची तैयार कर शिक्षकों और मैदानी अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है।

जिला शिक्षा अधिकारियों, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य और संकुल प्राचार्यों को नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश का कोई भी बच्चा स्कूली शिक्षा से वंचित न रहे।

‘हमारे शिक्षक ऐप’ से होगी निगरानी

स्कूल शिक्षा विभाग ने “हमारे शिक्षक ऐप” में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के अंतर्गत विशेष मॉड्यूल विकसित किया है। इसके माध्यम से कक्षोन्नति से संबंधित लंबित विद्यार्थियों की जानकारी शिक्षकों को उपलब्ध कराई गई है, ताकि समय पर उनकी शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण

नए सत्र की शुरुआत के साथ विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि पुस्तकों का वितरण डिपो से विद्यालय और विद्यालय से विद्यार्थियों तक समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर वितरण संबंधी सभी प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर विशेष फोकस

राज्य शिक्षा केंद्र ने प्राथमिक स्तर पर सीखने के स्तर में सुधार के लिए मिशन अंकुर के तहत विशेष कार्ययोजना तैयार की है। एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) सर्वे 2025 के आधार पर विद्यार्थियों के कमजोर विषयों और कौशल क्षेत्रों की पहचान कर विशेष शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

स्कूलों में पेयजल और शौचालय व्यवस्था पर जोर

विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, क्रियाशील बालिका शौचालय, रनिंग वॉटर, साफ पानी की टंकियां और आवश्यक मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को स्कूलों का जिम्मा

“स्कूल चलें हम” अभियान के तहत जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी अधिकारियों को अलग-अलग विद्यालयों का दायित्व सौंपेगा। ये अधिकारी स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और अपने अनुभव साझा कर उन्हें प्रेरित करेंगे।

अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

शाला प्रबंधन समितियों की बैठकों में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्कूल विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

नए शैक्षणिक सत्र के साथ मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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