मप्र में आज से शुरू सरसों उपार्जन, भावांतर योजना के तहत किसानों को मिलेगा MSP का लाभ

Madhya Pradesh में किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार द्वारा भावांतर योजना के तहत आज सोमवार से सरसों उपार्जन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिसूचित मंडियों में किसान 30 मई तक अपनी उपज बेच सकेंगे, जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ सुनिश्चित होगा।
सरकार ने सरसों उत्पादक किसानों को उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से यह योजना लागू की है। इसके लिए किसानों ने 26 फरवरी से 20 मार्च के बीच ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया था। योजना के तहत किसानों को उनके पंजीकृत रकबे और औसत उत्पादकता के आधार पर लाभ दिया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार, भारत सरकार 40 प्रतिशत उत्पादन तक और 15 प्रतिशत तक MSP की कमी की भरपाई करेगी। वहीं शेष राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। पहले 14 दिनों तक सरसों का मॉडल रेट पूरे प्रदेश में एक समान रहेगा, जिसे सभी मंडियों के औसत विक्रय मूल्य के आधार पर तय किया जाएगा।
यदि मंडी में सरसों का विक्रय मूल्य MSP से कम रहता है, तो किसानों को अंतर की राशि दी जाएगी। वहीं, यदि कीमत राज्य द्वारा घोषित औसत थोक मूल्य से भी कम होती है, तब भी MSP और औसत मूल्य के अंतर की भरपाई की जाएगी। किसानों को उनकी उपज की राशि व्यापारी द्वारा एक दिन में और भावांतर राशि 15 दिनों के भीतर DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
Bhopal संभाग में इस योजना के तहत अब तक 19,657 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 14,679 किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है। कुल सत्यापन प्रतिशत 74.68% है, जबकि 4,978 प्रकरण अभी लंबित हैं।






