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प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन, करेंगे एक लाख करोड़ रुपये की अनुसंधान निधि का शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे एक लाख करोड़ रुपये की ‘अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना निधि’ का शुभारंभ

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर देश में अनुसंधान और विकास (R&D) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक लाख करोड़ रुपये की ‘अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना निधि’ (RDI Fund) की शुरुआत भी करेंगे। इस योजना का मकसद देश में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और भारत को वैश्विक विज्ञान एवं नवाचार हब के रूप में स्थापित करना है।

🌐 सम्मेलन की रूपरेखा और उद्देश्य

यह तीन दिवसीय सम्मेलन देश और विदेश के नोबेल पुरस्कार विजेताओं, शीर्ष वैज्ञानिकों, नवाचारकों और नीति निर्माताओं की उपस्थिति में आयोजित होगा। इसमें शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग जगत और सरकारी विभागों से जुड़े तीन हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक सहयोग और नवाचार को एक साझा मंच पर लाना है ताकि भारत 2047 तक एक वैज्ञानिक महाशक्ति के रूप में उभर सके।

🔬 मुख्य विषय और चर्चाएँ

सम्मेलन के दौरान कई उभरते और महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों पर गहन चर्चा होगी, जिनमें शामिल हैं —

  • उन्नत सामग्री और विनिर्माण (Advanced Manufacturing)

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (AI & ML)

  • जैव-विनिर्माण और बायोटेक्नोलॉजी (Bio-Manufacturing)

  • डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन

  • ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन (Climate & Clean Energy)

  • स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी (Health Tech)

  • क्वांटम विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Quantum & Space Tech)

सम्मेलन के विशेष सत्र में “भारत की 2047 विज्ञान दृष्टि (Science Vision 2047)” पर विमर्श होगा, जिसमें भारत को अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पेश की जाएगी।

🤝 नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन

यह सम्मेलन केवल वैज्ञानिक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योग जगत के बीच पुल का काम करेगा।
यहाँ ‘विज्ञान वार्ता’, ‘टेक टॉक्स’ और ‘इनोवेशन एक्सपो’ जैसे सत्र होंगे, जहाँ युवा वैज्ञानिक अपने विचारों और प्रयोगों को प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे अकादमिक शोध और व्यावहारिक उद्योग जरूरतों के बीच सामंजस्य स्थापित करने में मदद मिलेगी।

💬 प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि

प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा कहा है कि “21वीं सदी भारत की तकनीकी सदी है।
इस सम्मेलन के माध्यम से वे देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि विज्ञान और नवाचार ही भारत के विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की असली कुंजी हैं।

🔎 निष्कर्ष

‘उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025’ भारत के वैज्ञानिक भविष्य का ब्लूप्रिंट साबित हो सकता है।
यह आयोजन भारत की विज्ञान से विकास की यात्रा में नया अध्याय जोड़ेगा — जहाँ अनुसंधान, उद्योग और समाज एक साझा उद्देश्य की ओर अग्रसर होंगे।

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