मोदी कैबिनेट में मिली गोबरधन योजना को मंजूरी: CNG और PNG में होगी बायोगैस की ब्लेंडिंग; कहा- क्लीन एनर्जी के लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगी सरकार
नई दिल्ली। कैबिनेट बैठक में CNG और PNG में बायोगैस मिलाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत घरेलू गैस आपूर्ति में बायोगैस की ब्लेंडिंग की जाएगी। इसे गोबरधन योजना नाम दिया गया है।
क्लीन एनर्जी के लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगी सरकार
देश के कई हिस्सों में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर विरोध हो रहा है। लोगो का तर्क है कि इससे गाड़ियों के इंजन और माइलेज पर असर पड़ता है। इस विरोध के बीच सरकार ने कहा है कि वह क्लीन एनर्जी के लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगी। CNG और PNG में बायोगैस का मिश्रण प्राकृतिक गैस के समान ही होता है।
5 फीसदी तक होगी ब्लेंडिंग
सरकार के नए नियमों के मुताबिक, CNG और PNG गैस में बायोगैस मिलाने का काम पूरी तरह सुनयोजित तरीके से किया जाएगा। शुरुआत में ब्लेंडिंग का प्रतिशत कम रहेगा। इसे कुछ वर्षों में बढ़ाकर अधिकतम 5 फीसदी किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की LNG पर निर्भरता को कम करना है।
किसान की आय को मजबूती मिलेगी
गोबरधन योजना के तहत मवेशियों के गोबर, पराली और जैविक कचरे से बायोगैस बनायी जाएगी। इससे पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम होगा। साथ ही किसान की आय को मजबूती मिलेगी।