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म्यांमार से बढ़ रही शरणार्थियों की आमद मिजोरम पर बोझ, मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने जताई चिंता

शिलांग (मेघालय)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को कहा कि म्यांमार से लगातार आ रहे विस्थापित लोगों की बढ़ती संख्या अब राज्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि पड़ोसी देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा संकट के चलते आने वाले समय में और अधिक लोग मिजोरम में शरण लेने पहुंच सकते हैं।

मेघालय की राजधानी शिलांग में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि म्यांमार की वर्तमान परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में लोग सुरक्षा की तलाश में मिजोरम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए भविष्य में भी शरणार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि म्यांमार में जारी संघर्ष और राजनीतिक संकट का सीधा असर सीमावर्ती राज्यों पर पड़ रहा है। मिजोरम, जिसकी म्यांमार के साथ खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, लंबे समय से इस मानवीय संकट का सामना कर रहा है।

उन्होंने बताया कि सीमा के दोनों ओर रहने वाले समुदायों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जातीय संबंध हैं। यही कारण है कि म्यांमार में संघर्ष बढ़ने के बाद हजारों लोग सीमा पार कर मिजोरम में शरण लेने पहुंचे हैं। राज्य सरकार मानवीय आधार पर उन्हें आश्रय और आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि विस्थापितों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण राज्य के संसाधनों, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जनकल्याण योजनाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक और वित्तीय दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।

लालदुहोमा ने संकेत दिया कि यदि म्यांमार की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो शरणार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में राज्य को केंद्र सरकार के सहयोग और व्यापक रणनीति की आवश्यकता होगी ताकि मानवीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए स्थानीय संसाधनों पर पड़ने वाले दबाव को संतुलित किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि म्यांमार में जारी संकट का समाधान होने तक पूर्वोत्तर भारत के सीमावर्ती राज्यों, विशेषकर मिजोरम, को इस चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। राज्य सरकार ने केंद्र से इस मुद्दे पर आवश्यक सहयोग और समन्वित प्रयासों की अपेक्षा जताई है।

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