मीरजापुर में जल जीवन मिशन बैठक में हंगामा, पेयजल संकट पर प्रधानों ने जताई नाराजगी

उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के छानबे ब्लॉक मुख्यालय विजयपुर में मंगलवार को आयोजित जल जीवन मिशन की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई जब पेयजल संकट और अधूरी परियोजनाओं को लेकर ग्राम प्रधानों ने कड़ी नाराजगी जताई।

प्रधानों का कहना था कि गर्मी शुरू होते ही क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कई गांवों में जलापूर्ति नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में बीडीओ रामपाल ने जानकारी दी कि 255 राजस्व गांवों में 42 ओवरहेड टैंकों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। हालांकि प्रधानों ने व्यवस्था को नाकाफी बताया और सुझाव दिया कि 10-10 गांवों का क्लस्टर बनाकर 48 घंटे के भीतर जल आपूर्ति बहाल की जाए।

विजयपुर की प्रधान शहीदा बानो ने सड़क खोदकर पाइपलाइन डालने के बाद भी कार्य अधूरा छोड़ने पर नाराजगी जताई। वहीं कई प्रधानों ने परियोजना प्रबंधक पर रिपोर्ट न देने और गांवों में नियमित निगरानी न करने के आरोप लगाए।

कुशहां गांव में पिछले 20 दिनों से जलापूर्ति ठप होने की शिकायत भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

बीडीओ रामपाल ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए और एडीओ पंचायत को कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखने को कहा।

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