मेजर अभिलाषा बराक को मिला संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित सम्मान, UN Military Gender Advocate of the Year Award से नवाजी गईं
भारतीय सेना की अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा प्रतिष्ठित “UN Military Gender Advocate of the Year Award” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के तहत उनके उत्कृष्ट कार्य और नेतृत्व क्षमता के लिए प्रदान किया गया है।
मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में लेबनान में एंगेजमेंट टीम कमांडर और जेंडर फोकल प्वाइंट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान स्थानीय समुदायों और शांति सैनिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संयुक्त राष्ट्र का यह प्रतिष्ठित सम्मान उन सैन्य अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने शांति मिशनों के दौरान लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो। मेजर अभिलाषा बराक का चयन इस सम्मान के लिए होना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वैश्विक मंच पर बढ़ा भारत का गौरव
मेजर अभिलाषा बराक को मिला यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति मिशनों में भारत की सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका का भी प्रतीक है। भारतीय शांति सैनिक वर्षों से संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मिशनों में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं और उनकी पेशेवर क्षमता की दुनिया भर में सराहना की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सकारात्मक छवि को और मजबूत करेगी तथा महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी नई पहचान देगी।
युवाओं और बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
मेजर अभिलाषा बराक की यह सफलता देशभर के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है। सेना, सुरक्षा सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय शांति मिशनों में योगदान देने का सपना देखने वाली युवा पीढ़ी के लिए उनका सफर एक मिसाल माना जा रहा है।
उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि समर्पण, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट कार्यशैली के बल पर भारतीय महिलाएं वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। मेजर अभिलाषा बराक का यह सम्मान देश के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों को बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।
