बॉलीवॉल प्रतियोगिता में श्री महेश्वरानंद सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय की टीम बनी विजेता

श्री महेश्वरानंद सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय, सूरतगिरि बंगला गिरिशानंदाश्रम में आयोजित तीन दिवसीय बॉलीवॉल प्रतियोगिता का शुक्रवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ समापन हुआ। प्रतियोगिता में श्री महेश्वरानंद सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय की टीम विजेता रही, जबकि भगवत धाम विद्यालय की टीम उपविजेता रही।

पुरस्कार वितरण और संदेश

प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में अश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर आचार्य स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज ने विजेता टीम को बधाई देते हुए कहा कि खेल व्यक्ति के जीवन में आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है, और विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ खेलों में भी रुचि बनाए रखना जरूरी है।

वरिष्ठ चिकित्सक डा. संजय शाह ने भी खिलाड़ियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ‘खेलो इंडिया’ अभियान का असर दिखने लगा है और खेलों के माध्यम से नई प्रतिभाओं को सामने आने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने खेल और पढ़ाई को संतुलित करने की अहमियत बताई।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमें

21 से 23 जनवरी तक आयोजित इस बॉलीवॉल प्रतियोगिता में निम्नलिखित टीमों ने हिस्सा लिया:

  • श्री गुरुमण्डलाश्रम संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार

  • श्री भोलानंद संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार

  • श्री भारती संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार

  • श्री ऋषिकुल विद्यापीठ संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार

  • श्री उदासीन संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार

  • श्री गुरुकुल संस्कृत उ.मा.वि., ज्वालापुर

  • श्री चेतन ज्योति संस्कृत महाविद्यालय

  • श्री गीता संस्कृत महाविद्यालय

  • श्री जगद्गुरु उ.मा. संस्कृत महाविद्यालय

  • श्री महेश्वरानंद सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय

  • श्री गरीबदासीय संस्कृत महाविद्यालय

फाइनल मुकाबला

फाइनल मुकाबला श्री महेश्वरानंद सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय और श्री भगवद धाम संस्कृत महाविद्यालय के बीच खेला गया। अंततः श्री महेश्वरानंद सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय की टीम विजयी घोषित हुई।

ट्रॉफी वितरण और आशीर्वचन

इस अवसर पर कोठारी स्वामी उमानंद गिरि महाराज और डा. संजय शाह ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। कोठारी स्वामी उमानंद गिरि महाराज ने सभी को आशीर्वचन देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Share

Similar Posts