90 मीट्रिक टन LPG गबन कांड: ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स का प्लांट मैनेजर गिरफ्तार

महासमुंद में एलपीजी गैस के बड़े गबन मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 90 मीट्रिक टन गैस के गबन और लगभग 1.5 करोड़ रुपये के आर्थिक घोटाले से जुड़ी है।
पुलिस के अनुसार, ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और डायरेक्टर सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। मामले की जांच के दौरान कंपनी कार्यालय से डीवीआर, कंप्यूटर और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए, जिनमें अवैध बिक्री के सबूत मिले हैं।
जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 में अवैध रिफिलिंग के आरोप में जब्त किए गए 6 एलपीजी टैंकरों को सुरक्षा कारणों से अभनपुर स्थित कंपनी को सौंपा गया था। लेकिन 17 अप्रैल को जब टैंकर मालिक वाहन लेने पहुंचे, तो सभी टैंकर खाली मिले।
पुलिस जांच के अनुसार, 31 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से टैंकरों से गैस निकालकर उसे कंपनी के स्टोरेज टैंक में ट्रांसफर किया और फिर घरेलू व कमर्शियल सिलेंडरों में भरकर ऊंचे दामों पर बाजार में बेच दिया।
पूरे मामले में लगभग 90 मीट्रिक टन गैस की अवैध निकासी की गई, जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इसे आपराधिक न्यास भंग का मामला बताया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 40 सदस्यीय टीम गठित कर चार दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।





