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कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी ने प्लॉट के नाम पर ऐंठे 17 लाख: अब केस में फंसाने की धमकी; कहा-इंदौर के सभी थानों में चलती है मेरी

प्रदेश प्रकाश, इंदौर। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी पर सरकारी नौकरी की धौंस और भरोसे की आड़ में प्लॉट दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपए ऐंठने का गंभीर आरोप लगा है। पंचमूर्ति नगर निवासी मनोज शर्मा ने कलेक्टर को शिकायत देकर कर्मचारी कैलाश पालीवाल के खिलाफ कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है।

शर्मा के मुताबिक उन्हें प्लॉट की जरूरत थी। परिचित प्रवीण पुरोहित ने उनकी मुलाकात कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी कैलाश पालीवाल (वर्तमान में भू अर्जन में पदस्थ है) से कराई। पालीवाल ने पहले नैनोद गोमटगिरी और बाद में चंदन नगर चौराहे के पास पेट्रोल पंप के नजदीक प्लॉट दिखाया। आरोप है कि उसने प्लॉट अपने नाम का बताते हुए 20 लाख रुपए में सौदा तय किया। सरकारी कर्मचारी होने के कारण शर्मा ने उस पर भरोसा किया और अलग-अलग तारीखों में 17 लाख रुपए दे दिए।

जान से मारने की दी धमकी
शिकायत के अनुसार रकम लेने के बाद पालीवाल प्लॉट की रजिस्ट्री टालता रहा। बाद में जानकारी निकालने पर कथित प्लॉट उसके नाम का नहीं निकला। शर्मा ने सौदा रद्द कर रकम वापस मांगी तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पालीवाल ने अश्लील गालियां देते हुए झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाने और जान से मारने की धमकी तक दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपी ने कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ होने और थानों में पकड़ होने की धौंस भी दिखाई। शर्मा ने शिकायत के साथ रुपयों के लेन-देन से संबंधित वीडियो और फोन बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित होने का दावा किया है।

भृत्य कैलाश पालीवाल निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्राप्त शिकायत के आधार पर भूमि संसाधन प्रबंधन शाखा में पदस्थ भृत्य (चेनमैन) कैलाश पालीवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने इस संबंध में वीडियो रिकॉर्डिंग सहित शिकायत प्रस्तुत की थी। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने पालीवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए है।

जांच के लिए जिला स्तरीय जांच अधिकारी नियुक्त किए गए हैं तथा तहसीलदार, भू-संसाधन प्रबंधन इंदौर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया है। निलंबन अवधि में मुख्यालय तहसील देपालपुर, जिला इंदौर निर्धारित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

कहा- मेरे खिलाफ झूठी शिकायत हुई-
कर्मचारी कैलाश पालीवाल ने कहा- प्लाट का कोई लेना देना नहीं है। शिकायतकर्ता ब्याज से पैस चलाता है, दूसरा लेन देन है। मेरे खिलाफ झूठी शिकायत की गई है। मिलकर आपको बताएंगे।

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