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झाबुआ के हाथीपावा पहाड़ी पर एक हजार पौधे लगाए: जिला जज बोलीं- पौधे लगाने के साथ बचाना भी जरूरी

झाबुआ। ऐतिहासिक हाथीपावा पहाड़ी पर न्यायिक परिवार की ओर से पौधारोपण कार्यक्रम किया गया। ‘उल्लास एक अभिनव प्रयोग’ के तहत हुए कार्यक्रम में करीब 1000 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशिता श्रीवास्तव ने पौधा लगाकर की।

स्थानीय मौसम के हिसाब से लगाए पौधे
पौधारोपण के दौरान झाबुआ के मौसम और यहां की जमीन के हिसाब से अलग-अलग तरह के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में न्यायाधीशों, वकीलों, वन विभाग के कर्मचारियों और न्यायालय के कर्मचारियों ने भी पौधे लगाए।

हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसे बड़ा करे
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशिता श्रीवास्तव ने कहा कि पेड़ हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं। पौधा लगाना सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ हवा और बेहतर वातावरण देने की कोशिश है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ पौधा लगाकर जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसे पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने की अपील की।

हाथीपावा की हरियाली बढ़ाने की पहल
आशिता श्रीवास्तव ने कहा कि हाथीपावा पहाड़ी झाबुआ की पहचान का हिस्सा है। यहां लगाए गए पौधे बड़े होने के बाद पहाड़ी की हरियाली बढ़ाएंगे और आसपास के वातावरण को भी बेहतर बनाएंगे।

न्यायिक परिवार ने लिया पौधों को बचाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में मौजूद न्यायाधीशों, अधिकारियों, वकीलों और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया। इस पहल के जरिए पर्यावरण बचाने के साथ लोगों को पौधारोपण के लिए जागरूक करने का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश प्रकाश केरकेट्टा, द्वितीय जिला न्यायाधीश राकेश कुमार पाटीदार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन कुमार मुजाल्दा, न्यायिक मजिस्ट्रेट सरोज बाला मुजाल्दा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शिव कुमार डावर, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रद्धा पटेल और जिला विधिक सहायता अधिकारी जयदेव माणिक मौजूद रहे।

 

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