जेट फ्यूल की कीमत में रिकॉर्ड उछाल, हवाई सफर हो सकता है और महंगा

नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही एविएशन सेक्टर को बड़ा झटका लगा है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर दी है, जिससे हवाई यात्रा महंगी होने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, राजधानी दिल्ली में जेट फ्यूल की कीमत में 114.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद ATF की कीमत 1,10,703.08 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। यह पहली बार है जब जेट फ्यूल की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर को पार कर गई है।
Oil Marketing Companies (ओएमसी) द्वारा लगातार दूसरे महीने ATF के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 1 मार्च को भी इसकी कीमत में 5.70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से एयरलाइंस कंपनियों के ऑपरेटिंग कॉस्ट में भारी इजाफा होगा, क्योंकि कुल खर्च का बड़ा हिस्सा ईंधन पर ही निर्भर करता है। ऐसे में आने वाले दिनों में फ्लाइट टिकट की कीमतों में भी बढ़ोतरी होना लगभग तय माना जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा कीमतों के पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष बड़ा कारण माना जा रहा है। खासकर Strait of Hormuz में बाधा के चलते कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान जेट फ्यूल की कीमत अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची थी, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई थी। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
इस बढ़ोतरी का असर केवल एविएशन सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन और व्यापारिक यात्रा पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।






