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जम्मू-कश्मीर में सड़क और सुरंग परियोजनाओं पर 61,528 करोड़ रुपये का निवेश, कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव

जम्मू-कश्मीर सरकार ने बताया है कि केंद्र शासित प्रदेश में सड़क और सुरंग परियोजनाओं में कुल 61,528 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। सरकार के अनुसार कनेक्टिविटी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है, जिसके परिणामस्वरूप कई बड़ी अवसंरचना परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या तेजी से निर्माणाधीन हैं।

🚧 एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग

सरकार ने जानकारी दी कि दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे सहित पांच राष्ट्रीय राजमार्ग और जम्मू व श्रीनगर के लिए दो रिंग रोड का निर्माण कार्य जारी है। इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने पर दिल्ली से जम्मू की दूरी लगभग छह घंटे और कटरा की दूरी करीब सात घंटे में तय की जा सकेगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के चार लेन होने से श्रीनगर और जम्मू के बीच यात्रा समय 7–12 घंटे से घटकर लगभग 4.5 घंटे रह गया है।

🏔️ सुरंग परियोजनाओं से ऑल-वेदर कनेक्टिविटी

11 सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनमें से तीन—

  • चेनानी-नाशरी सुरंग (9 किमी)

  • काजीगुंड-बनिहाल सुरंग (8.45 किमी)

  • सोनमर्ग सुरंग (6.5 किमी)
    —पूरी हो चुकी हैं।

इसके अलावा 14.15 किमी लंबी जोजिला सुरंग सहित कई अन्य सुरंग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

🌉 नई परियोजनाओं को मंजूरी

वर्ष 2025-26 के लिए 10,637 करोड़ रुपये की लागत से 19 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें पीर की गली सुरंग, साधना सुरंग, लाल चौक-परिमपोरा फ्लाईओवर और मागम फ्लाईओवर शामिल हैं।

🏘️ ग्रामीण संपर्क में सुधार

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत मार्च 2025 तक 2,132 बस्तियों को जोड़ा जा चुका है और 19,518 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हुआ है। चौथे चरण में 2,500 और बस्तियों को जोड़ने की स्वीकृति दी गई है।

2019-20 से अब तक 5,271 करोड़ रुपये की लागत से 1,161 सड़क एवं पुल परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जबकि 2020-25 के दौरान 2,387 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण पूरा हुआ है।

सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा समय कम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और ग्रामीण विकास को भी नई गति मिली है।

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