ईरानी विदेश मंत्री से जयशंकर की बातचीत, ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर चर्चा

Subrahmanyam Jaishankar ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Hossein Amir-Abdollahian से हाल के दिनों में तीन बार बातचीत की है। इन वार्ताओं में भारतीय जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

यह जानकारी Randhir Jaiswal ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री और ईरानी विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में लगातार संपर्क बना हुआ है और अंतिम बातचीत में समुद्री शिपिंग की सुरक्षा तथा भारत की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

गौरतलब है कि West Asia में जारी संघर्ष का असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। इसके चलते कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है और भारत भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रवक्ता ने Bangladesh को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने बताया कि भारत अपने पड़ोसी देशों को परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख निर्यातक है और बांग्लादेश सरकार की ओर से डीजल आपूर्ति का अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिस पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2007 से Numaligarh Refinery Limited के माध्यम से जलमार्ग, रेल और बाद में India-Bangladesh Friendship Pipeline के जरिए बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति करता रहा है। अक्टूबर 2017 में नुमालीगढ़ रिफाइनरी और Bangladesh Petroleum Corporation के बीच हाई-स्पीड डीजल की आपूर्ति के लिए एक बिक्री-खरीद समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए थे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भविष्य में डीजल आपूर्ति से संबंधित किसी भी निर्णय में भारत की रिफाइनरी क्षमता, घरेलू जरूरतों और उपलब्धता को ध्यान में रखा जाएगा।

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