आईटी सेक्टर में तीसरे दिन भी गिरावट, एआई को लेकर निवेशकों में बढ़ी चिंता

घरेलू शेयर बाजार में आईटी सेक्टर लगातार तीसरे दिन दबाव में है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजी और विप्रो जैसे दिग्गज शेयरों में 8 प्रतिशत तक की तेज गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि बाद में हल्की खरीदारी से कुछ रिकवरी दिखी, लेकिन निवेशकों की घबराहट साफ नजर आई।


📊 निफ्टी आईटी इंडेक्स में बड़ी गिरावट

  • शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 5% तक फिसला।

  • गुरुवार को भी इंडेक्स 5.51% टूटकर बंद हुआ था।

  • साल 2026 में अब तक आईटी इंडेक्स में करीब 17.5% की गिरावट आ चुकी है।

यह गिरावट सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है।
अमेरिका में लिस्टेड इंफोसिस के ADR में 10% तक की गिरावट देखी गई, जबकि विप्रो के ADR में करीब 5% की कमजोरी दर्ज की गई।


🤖 एआई बना चिंता की वजह

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऑटोमेशन को लेकर निवेशकों में आशंका बढ़ी है।

चिंता यह है कि:

  • पारंपरिक लेबर-बेस्ड सर्विस मॉडल पर असर पड़ सकता है।

  • ऑटोमेशन से लागत संरचना बदल सकती है।

  • आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आ सकता है।

धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के मुताबिक, निवेशकों को डर है कि एआई के कारण भारतीय आईटी कंपनियों का पारंपरिक बिजनेस मॉडल कमजोर हो सकता है, जिससे कमाई पर असर पड़ेगा।


🌍 ग्लोबल असर

वॉल स्ट्रीट से लेकर यूरोप और एशिया तक आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव दिख रहा है।
ग्लोबल टेक कंपनियों में भी एआई-आधारित बदलाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।


🧭 आगे क्या?

फिलहाल बाजार में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि:

  • यदि कंपनियां एआई को अवसर में बदलने की स्पष्ट रणनीति पेश करती हैं, तो भरोसा लौट सकता है।

  • तिमाही नतीजे और गाइडेंस निवेशकों की दिशा तय करेंगे।

आईटी सेक्टर भारत के शेयर बाजार का अहम स्तंभ है। ऐसे में इस गिरावट ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है—क्या यह अस्थायी डर है या किसी बड़े संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत?

बाजार की नजर अब कंपनियों की रणनीति और एआई को अपनाने की रफ्तार पर टिकी है।

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