एटीएफ कीमत बढ़ोतरी पर सरकार की सफाई, घरेलू एयरलाइंस पर सीमित असर

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर फैले भ्रम पर केंद्र सरकार और Indian Oil Corporation ने स्थिति स्पष्ट की है।
सरकार ने बताया कि घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतों में 115 प्रतिशत की नहीं, बल्कि केवल लगभग 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू हुई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण एटीएफ महंगा हुआ है। हालांकि, पूरी वृद्धि लागू करने के बजाय इसे चरणबद्ध तरीके से सीमित रखा गया है, ताकि एयरलाइंस और यात्रियों पर अचानक बोझ न पड़े।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यदि पूरी वैश्विक वृद्धि लागू होती, तो एटीएफ की कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती थी। लेकिन Ministry of Civil Aviation के आग्रह पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने इसे सीमित कर दिया।
इस फैसले के तहत घरेलू एयरलाइंस पर लगभग 25 प्रतिशत का आंशिक प्रभाव पड़ेगा, जो करीब 15 रुपये प्रति लीटर के बराबर है। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों में पूरी वृद्धि लागू की जाएगी।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री K. Rammohan Naidu ने कहा कि इस निर्णय से हवाई किराए में अचानक बढ़ोतरी से यात्रियों को राहत मिलेगी और एविएशन सेक्टर की स्थिरता बनी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस संतुलित फैसले से कार्गो मूवमेंट, व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए जरूरी एयर कनेक्टिविटी प्रभावित नहीं होगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच घरेलू बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।






