ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान दुनिया की सुरक्षा के लिए: इज़राइली पीएम नेतन्याहू

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ इज़राइल और अमेरिका का सैन्य अभियान केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।

यरुशलम में दिए अपने बयान में नेतन्याहू ने दावा किया कि इज़राइल के लगातार हमलों के कारण ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब ईरान न तो प्रभावी रूप से यूरेनियम संवर्धन कर सकता है और न ही बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण करने की स्थिति में है।

इज़राइली प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगा। उनका इशारा खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों की ओर था, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति होता है।

नेतन्याहू ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर की गई सैन्य कार्रवाई इज़राइल ने अकेले अंजाम दी है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में से एक माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका है। इज़राइल और अमेरिका की इस संयुक्त रणनीति से जहां एक ओर ईरान पर दबाव बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस संघर्ष का रुख अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

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