श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत डूबा, 87 नौसैनिकों की मौत; खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम टला

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व में गंभीर तनाव का माहौल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्य हमले में मारे गए हैं, जिससे उनके अंतिम संस्कार के कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं।
श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया गया और डुबो दिया गया। इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए और 32 घायल हुए, जबकि लगभग 180 नौसैनिक उस युद्धपोत पर सवार थे। युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेकर लौट रहा था।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले जारी रहे, तो वह इज़राइल के डिमोना न्यूक्लियर साइट को निशाना बना सकता है। इसी बीच, इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बेरूत में हिजबुल्लाह के गढ़ पर हवाई और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक 17,500 से अधिक अमेरिकी नागरिक मध्य पूर्व से सुरक्षित अपने देश लौट चुके हैं। कतर, यूएई और सऊदी अरब में भी अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षित निकासी के प्रयास जारी हैं।
सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस हमले के बाद मध्य पूर्व संकट और बढ़ सकता है। ईरान के इंटरनेट पर करीब 100 घंटे का शटडाउन लागू किया गया, जिससे देश में संचार बाधित हुआ है। अमेरिका ने कुवैत और हिंद महासागर में ईरानी सैन्य ठिकानों पर भी हमले की पुष्टि की है।
उत्तरी इराक में कुर्द ईरानी असंतुष्ट समूह अमेरिकी समर्थन से सीमा पार संभावित सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और धार्मिक नेता तनाव को कम करने के लिए अपील कर रहे हैं।
यह संघर्ष क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत देता है, और आगे की स्थिति तीव्र सैन्य अभियान और कूटनीतिक दबाव पर निर्भर करेगी।






