भारत-जापान के बीच एआई डायलॉग शुरू, महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर सहमति

🤝 भारत और जापान के बीच एआई डायलॉग शुरू, महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग तेज
भारत और जापान ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करते हुए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) डायलॉग की शुरुआत की है। इसके साथ ही दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए 2026 की शुरुआत में संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) गठित करने पर सहमति जताई है।
🧠 एआई सहयोग को मिलेगा नया आयाम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि एआई में सहयोग को गति देने के उद्देश्य से दोनों देशों ने विदेश मंत्रालयों के नेतृत्व में एआई संवाद शुरू किया है। यह पहल उभरती तकनीकों में सहयोग को सुदृढ़ करने और वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
🪨 महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह
प्रवक्ता ने बताया कि दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए दोनों देशों ने संयुक्त कार्य समूह बनाने का निर्णय लिया है। यह नई पहल वैश्विक अर्थव्यवस्था में जोखिम को कम करने और रणनीतिक संसाधनों की निर्भरता घटाने में सहायक होगी।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-जापान की यह साझेदारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थिरता लाने में सक्षम है।
🛡️ रक्षा और आर्थिक सुरक्षा पर जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आर्थिक सुरक्षा पहल के तहत सार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिससे निवेश, व्यापार और नवाचार को गति मिलेगी।
🌏 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में व्यापक समीक्षा
जापान के विदेश मंत्री ने तीन दिवसीय भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की और बाद में 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में भाग लिया।
इस दौरान दोनों पक्षों ने—
आपूर्ति श्रृंखला मजबूती
निवेश और व्यापार
प्रौद्योगिकी व नवाचार
रक्षा सहयोग
जन-जन संपर्क और सांस्कृतिक संबंध
जैसे अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।
⚠️ ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर
इस बीच विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ईरान में मौजूदा हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है। लगभग 9000 भारतीय नागरिक, जिनमें अधिकांश छात्र हैं, वर्तमान में ईरान में रह रहे हैं।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को ईरान की अनावश्यक यात्रा से बचने और वहां रह रहे नागरिकों को वापस लौटने की सलाह देते हुए परामर्श जारी किए हैं।






