ईरान का बड़ा कूटनीतिक दांव: होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का सशर्त प्रस्ताव अमेरिका को भेजा

Hormuz को फिर से खोलने की शर्त रखी गई है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से White House तक पहुंच चुका है।
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच बड़ा कदम
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति मार्गों में से एक है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिससे कई देशों में तेल और गैस संकट गहराने लगा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के प्रस्ताव में युद्ध समाप्त करने और इस रणनीतिक मार्ग को फिर से खोलने पर जोर दिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता लौट सके।
क्या हैं ईरान की शर्तें?
Iran ने इस प्रस्ताव में शर्त रखी है कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को बाद के चरण में शुरू किया जाए। साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करने की भी मांग की गई है।
अमेरिका का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने फिलहाल इस प्रस्ताव पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा है कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं की जाएगी।
मध्यस्थता की कोशिशें जारी
इस मुद्दे पर Pakistan समेत कई देश मध्यस्थता कर रहे हैं। Islamabad में पहले दौर की बातचीत हो चुकी है, जबकि दूसरा चरण अभी शुरू नहीं हो पाया है।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi लगातार कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हैं और हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir से मुलाकात के बाद Russia पहुंच गए हैं, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Vladimir Putin से होने वाली है।
आगे क्या?
सूत्रों के अनुसार, Donald Trump अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक करने वाले हैं।
हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लंबे समय तक रोक दे, जबकि ईरान इस पर तत्काल सहमति के लिए तैयार नहीं दिख रहा है।
वैश्विक असर
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रहा यह गतिरोध केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में कोई ठोस कदम साबित होगा।






