ईरान की बड़ी धमकी: मध्य पूर्व में अमेरिकी-इजराइली विश्वविद्यालयों को बनाया निशाना

ईरान और इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी और इजराइली विश्वविद्यालयों पर हमले की धमकी दी है, जिससे क्षेत्रीय हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का आरोप है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल लगातार उसके ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। बुशेहर और खुजेस्तान प्रांत में हुए हमलों के बाद तेहरान ने बदले की चेतावनी दी है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बुशेहर प्रांत में हुए हमले में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। वहीं खुजेस्तान प्रांत में जल सुविधा को भी निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी और इजराइली विश्वविद्यालयों को संभावित लक्ष्य बताया है।
इस बीच हूती विद्रोही भी ईरान के समर्थन में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और गहराता दिख रहा है।
अल जजीरा के अनुसार, तेल अवीव और अमेरिका के कई शहरों में लोग युद्ध के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं बेरूत में भी इजराइली हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
दूसरी ओर, प्रेस टीवी ने दावा किया है कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल के रडार केंद्र और एयरपोर्ट को निशाना बनाया। यह हमला इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सहयोगी बलों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-16 लड़ाकू विमान को भी निशाना बनाया। इसके अलावा हाइफा में स्थित सैन्य एयरोस्पेस कॉम्प्लेक्स और डेविड बेन गुरियन एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण केंद्र को भी निशाना बनाया गया।
लगातार बढ़ते इस संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही हालात नियंत्रित नहीं हुए, तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिलेगा।






