ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब- आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, ट्रंप प्रशासन ने दी अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब- “आत्मसमर्पण नहीं करेंगे”, अमेरिका बोला- होगी अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और गहरा होता दिख रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा, जबकि ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने अमेरिकी शर्तें नहीं मानीं, तो उसे “अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई” का सामना करना पड़ सकता है।

ईरान बोला- युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने बुधवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि हर ईरानी की युद्ध लड़ने की इच्छाशक्ति मजबूत है और देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा,
“हम पूरी इच्छाशक्ति के साथ युद्ध के लिए तैयार हैं। अमेरिका ने आर्थिक और राजनीतिक दबाव के साथ अपने सैन्य इरादे भी नहीं छोड़े हैं। वह कभी भी हमला करने की कोशिश कर सकता है।”

गालिबफ ने दावा किया कि संघर्ष विराम की अवधि में ईरानी सशस्त्र बलों ने अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत किया है और जनता को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा।

आर्थिक दबाव को भी स्वीकारा

ईरानी संसद अध्यक्ष ने देश में बढ़ती महंगाई और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में इजाफे को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए नई संसदीय निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा,
“यह सिर्फ सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति की लड़ाई है। जो इसे जीतेगा, वही ईरान का भविष्य तय करेगा।”

अमेरिका की कड़ी चेतावनी

ईरान के बयान के बाद व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी भी ईरान के पास समझौते का रास्ता खुला है, लेकिन यदि उसने अमेरिकी शर्तें नहीं मानीं, तो परिणाम गंभीर होंगे।

मिलर ने कहा,
“अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो उसे अमेरिकी सेना की ऐसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जैसी आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई।”

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नया विवाद

इस बीच, ईरान के नवगठित फारसी खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरान ने सोशल मीडिया पर नक्शा जारी कर कहा कि इस क्षेत्र के कुछ हिस्से उसके नियंत्रण में आते हैं और यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी प्राधिकरण से अनुमति और समन्वय करना होगा।

ईरान ने यह भी संकेत दिया कि शिपिंग कंपनियों से शुल्क वसूला जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर पड़ सकता है।

ट्रंप बोले- जवाब का इंतजार, वरना हालात बदलेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत जारी है और वह ईरान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा,
“मैं लोगों की जान बचाना चाहता हूं, इसलिए इंतजार कर रहा हूं। लेकिन अगर सही जवाब नहीं मिला, तो हालात बहुत तेजी से बदल सकते हैं।”

अमेरिकी सेना की बढ़ी निगरानी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरानी बंदरगाहों की सैन्य निगरानी तेज कर दी गई है। अमेरिकी मरीन ने एक ईरानी झंडे वाले टैंकर की तलाशी भी ली, जिस पर प्रतिबंधों के उल्लंघन का शक था। हालांकि बाद में जहाज को रास्ता बदलने के निर्देश देकर छोड़ दिया गया।

अमेरिका के अनुसार, अब तक 91 वाणिज्यिक जहाजों को मार्ग बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

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