इनोविजन का 322.84 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, 12 मार्च तक लगा सकेंगे बोली

टोल मैनेजमेंट और मैनपावर सर्विस देने वाली कंपनी Innovision Limited का 322.84 करोड़ रुपये का आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 12 मार्च तक बोली लगा सकते हैं।
इश्यू बंद होने के बाद 13 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 16 मार्च को अलॉट किए गए शेयर निवेशकों के डीमैट खाते में क्रेडिट किए जाएंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च को Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange of India पर लिस्ट हो सकते हैं।
प्राइस बैंड और निवेश की सीमा
आईपीओ के लिए 521 रुपये से 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 27 शेयर रखा गया है।
रिटेल निवेशक कम से कम 1 लॉट (27 शेयर) के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए करीब 14,796 रुपये का निवेश करना होगा।
अधिकतम 13 लॉट (351 शेयर) के लिए करीब 1,92,348 रुपये तक निवेश किया जा सकता है।
इस इश्यू के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 58,91,284 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें 255 करोड़ रुपये के 46,53,284 नए शेयर और 68 करोड़ रुपये के 12,38,000 शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाएंगे।
निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा
आईपीओ में
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 1% हिस्सा
रिटेल निवेशकों के लिए 65% हिस्सा
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए 34% हिस्सा आरक्षित रखा गया है।
इस इश्यू के लिए MK Global Financial Services Limited को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि Kfin Technologies Limited रजिस्ट्रार की भूमिका निभाएगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में इसकी वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।
2022-23: शुद्ध लाभ 8.88 करोड़ रुपये
2023-24: शुद्ध लाभ 10.27 करोड़ रुपये
2024-25: शुद्ध लाभ 29.02 करोड़ रुपये
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर 2025) में कंपनी को 20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।
राजस्व में भी लगातार वृद्धि देखी गई है।
2022-23: 257.62 करोड़ रुपये
2023-24: 512.13 करोड़ रुपये
2024-25: 895.95 करोड़ रुपये
अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच कंपनी को 483.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
हालांकि इस अवधि में कंपनी का कर्ज भी बढ़ा है, जो 2022-23 में 33.34 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 79.05 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही तक यह बढ़कर 112.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इसके अलावा कंपनी का ईबीआईटीडीए भी लगातार बढ़ा है, जो 2022-23 में 16.36 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 51.75 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 30.42 करोड़ रुपये रहा।






